रविवार, 5 दिसंबर 2021

Rahul vs all

देश की राजनीति एक बार फिर व्यक्ति केंद्रित होती जा रही है ।nehru vs all,indira vs all, rajiv vs all, modi vs all के बाद अब rahul vs all की तरफ़ बड़ती दिखायी दे रही है ।
आज की तारीख़ में अगर east west north south सभी तरफ़ राहुल के ख़िलाफ़ ध्रुवीकरण तेज हो रहा है ।मसलन g 23 बनाकर ग़ुलाम नबी कश्मीर में , अमरिंदर और मनीष तिवारी पंजाब में , शरद पवार maharastra ममता बनर्जी पूरे पूर्वोतर राज्यों में ,अखिलेश मायावती उत्तर प्रदेश लालू नीतीश भाजपा बिहार जगन रेडी आंध्र k चंद्रा शेखर राव तेलंगाना में भाजपा से ज़्यादा राहुल को शिकस्त देने में लगे है।
राहुल समर्थकों का दावा है की उनके नेता भाजपा और संघ परिवार से लड़ रहे हैं ।और बाक़ी नेता राहुल से लड़ रहे हे।वैसे तो ज़्यादातर भाजपा विरोधी नेताओं का मानना है की बग़ैर कांग्रेस को साथ लिए भाजपा को नही हराया जा सकता है ।देश की लगभग 200लोक सभा सीटों पर कांग्रेस की सीधी लड़ाई भाजपा से है ।
पिछले लोक सभा चुनाव में भी कांग्रेस को 19 फ़ीसदी से ज़्यादा वोट मिले थे ।इसलिए इस बार भी 2024 के लोक सभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी और भाजपा में गी मुख्य मुक़ाबला होने वाला है ।
दिलचस्प बात यह भी है की ममता बनर्जी सहित ज़्यादातर राहुल विरोधी नेता परोछ या प्रत्यछ रूप से अलग अलग वक्त में भाजपा और nda का हिस्सा रहे हैं ।
यह भी संयोग ही है कि राहुल विरोधी ज़्यादातर नेता किसी न किसी केंद्रीय जाँच एजेन्सी के गिरफ़्त में हैं।
शायद यही कारण है कि उनके स्वर भाजपा संघ परिवार से ज़्यादा राहुल के ख़िलाफ़ तीखे सुनायी  देते हैं।

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