मंगलवार, 7 सितंबर 2021

farm laws

अल्लाह हु अकबर और हर हर महादेव के उद्घोष से सम्पन्न किसान आंदोलन आने वाले विधान सभा चुनावों में जाति और साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण से खुद को बचा पाएगा ?
देश के राजनैतिक दल चुनावों में इन हथकंडो का खुले आम इस्तेमाल करते हैं।
किसान नेता स्वर्गीय महेंद्र सिंह टिकैत और ग़ुलाम मोहम्मद इन नारों को लगवाया करते थे ।ग़ुलाम मोहम्मद आज भी इन नारों को लगाते हैं।85 वर्षीय ग़ुलाम मोहम्मद आज भी हिंदू मुस्लिम और किसान एकता के पछ्धर हैं।
मुज़फ़्फ़र नगर में हुए किसान पंचायत में सभी नेताओं ने किसानो को साम्प्रदायिक ताक़तों से सतर्क रहने की अपील की ।
हम सबको 2013 ke Mujaffarnagar में हुए साम्प्रदायिक दंगे की विभीषिका याद है ।
दंगे के बाद हज़ारों की तादाद में लोगों ने शरणार्थी शिविरों में शरण लिया था ।
इस बार फिर देश के कई राज्यों में चुनाव हैं ।
किसानो को पता है की राज नेता एक बार फिर दंगे करा कर राजनैतिक लाभ उठाने की कोशिस करेंगे ।
शायद इसीलिए बार बार सावधान रहते हुए किसान एका की अपील की गयी ।कृषि क़ानूनों को लेकर जारी आंदोलन के और लम्बे वक्त तक चलने की सम्भावना है ।दूसरी तरफ़ केंद्र सरकार भी अड़ी हूयी है ।सरकार तीनो क़ानूनों को रद्द करने के मूड में नहि है ।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें