रविवार, 1 अगस्त 2021

Economic justice for all

तेजस्वी यादव के मुताबिक़ अब सामाजिक न्याय का कार्य पूरा हो चुका है ।
अब आर्थिक न्याय दिलाना ज़रूरी है ।कमजोर तबके को आर्थिक न्याय दिलाने के लिए कार्य होना। चाहिए ।
कांशी राम ने तो कई दशक पहले सत्ता में आने पर सवर्णो को reservations देने का ऐलान किया था 
वे अपनी जनसभाओं में कहा करते थे की सत्ता में क़ाबिज़ होने पर हम लोग अगाड़ी जातियों को न्याय दिलाएँगे ।
बाद में यही बात राम विलास पासवान , चिराग़ पासवान और मायावती कहती रही हैं ।
अब तेजस्वी यादव के बयान से लगता है की देश में सामाजिक न्याय का चक्र पूरा हो गया है ।
ऐसा लगता है की जाति की राजनीति करने वालों की नज़र upper caste पर है और वहीं दूसरी तरफ़ भाजपा और congress अभी भी दलित और obc वोट बैंक को अपने पाले में लाने की जुगत में जुटे हैं ।
राजनैतिक सोच के मामले में इन छेत्रिय नेताओं का नज़रिया नैशनल पार्टियों के नेताओं से ज़्यादा साफ़ और दूरगामी है ।
आज सही मायने में असली मुद्दा भूख बेरोज़गारी एजुकेशन स्वास्थ्य और महंगाई हैं।
जाति की राजनीति करने वाले कार्ल मार्क्स गांधी और दीन दयाल उपाध्याय का नाम लिए बग़ैर उन्ही के आर्थिक दर्शन को अपना कर आगे वड़ने की कोशिस में लगे है ।और दूसरी तरफ़ खुद को इन युग पुरुषों के स्वाभाविक उत्तराधिकरी समझने वाले उनके सिधांतों को तिलांजलि देकर आगे जाने की कोशिस में लगे हैं।

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