रविवार, 11 जुलाई 2021

Bjp vs opposition

भाजपा के मुक़ाबले विपछ की जुमलेबाज़ी ।
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देश के राजनैतिक दल और उसके नेता प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी पार्टी से राजनैतिक तौर पर लड़ने में फिस्सडी साबित हो रहे हैं ।वे चाहते हैं की मीडिया और न्याय पालिका उनकी राजनैतिक लड़ाई भी लड़े।
अपनी राजनैतिक लड़ाई की विफलता के लिए वे मीडिया और न्यायपालिका को ज़िम्मेदार ठहराने में लगे हैं।
देश की ज़्यादातर ग़ैर भाजपा पार्टियाँ तथा उसके नेता समय समय पर सत्ता में आती रही हैं लेकिन उन्होंने अपने संगठन को मजबूत करने उसके लिए ज़मीनी स्तर तक कार्यालय बनाने के बजाय अपनी निजी सम्पत्ति जुटाते रहे हैं।
नतीजा सबके सामने हैं। पार्टियाँ कंगाल होती गयीं और उसके नेता मालामाल ।भाजपा ने अपने लगभग सात साल के शासन में पूरे देश में ज़िला स्तर तक अपना कार्यालय बना लिया है ।आख़िर दूसरे दलों को किसने रोका था ।
देश के ज़्यादातर भाजपा विरोधी नेता भ्रष्टाचार के गम्भीर आरोपों से घिरे हैं । जाँच के डर से सरकार के ख़िलाफ़ बोलने से डर रहे हैं ।उनका आरोप है की मौजूदा सरकार  जाँच agencies का दुरुपयोग कर रही है ।
तो सवाल ये उठता है की क्या पिछली सरकारों ने ऐसा नहि किया था ?इस तरह के आरोप तो पहले भी लगते रहे है ।आज का विपछ सिर्फ़ जुमले बाज़ी कर रहा है । और चाहता है की उसकी राजनैतिक लड़ाई जनता न्यायपालिका और मीडिया लड़े ।

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