गुरुवार, 13 मई 2021

COVID 19

Congress के एक बड़े नेता हुआ करते थे श्री सीता राम केसरी ।उनकी पार्टी के नेता उन्हें “चाचा केसरी “ कह कर सम्बोधित किया करते थे ।चाचा केसरी लम्बे समय तक congress पार्टी के treasurer रहे ।बाद में पार्टी president भी बन गए थे ।
Treasurer रहते हुए चाचा के बारे में एक कहावत मशहूर थी 
खाता ना बही 
चाचा जो कहे 
वही सही ।
देश इस समय महामारी से जूझ रहा है ।COVID management task force कु तरफ़ से रोज़ नए नए guidelines जारी किए जा रहे है ।आज इसी क्रम में covishield के बारे में तीसरी बार guideline जारी की गयी है ।
आज की guideline covi shield ke pahle aur dusare dose ke bich gap ki hai ।आज की guideline के बाद कई तरह की आशंका पैदा हो गयी है ।सरकार की तरफ़ से इस आशंका को दूर करने की कोशिस की गयी है ।
लेकिन आम लोगों में trust deficit  साफ़ तौर पर दिखायी दे रहा है ।लोगों के सामने सरकारी फ़रमानो पर भरोसा करने के अलावा और कोई विकल्प नहि है .
इसलिए मौजूदा हालात में चाचा केसरी और उनकी कार्य शैली ज़्यादा याद आ रही है ।
उमीद है कि सरकार अवाम की मानसिक स्थिति को समझेगी और महामारी प्रबंधन को लेकर जारी होने वाले self contradictory guidelines से बचने की कोशिस करेगी ।
वास्तव में अगर देखा जायँ तो पिछले सात वर्षों में केंद्र सरकार ने नोट बंदी और gst जैसे दो ऐतिहासिक फ़ैसले किए ।लेकिन फ़ैसलों को लागू करवाने के लिए दर्जनो ऐसे notifications और guidelines जारी किए जाते रहे जिनका implementation और execution  respective agencies के लिए कई हफ़्तों तक   चुनौती बना रहा ।

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