सोमवार, 12 अप्रैल 2021

judges re-employment

देश की अलग अलग अदालतों से retire होने के बाद विभिन्न सरकारों द्वारा judges साहबान को reemployment देने की परिपाटी रही है ।lower courts से लेकर supreme court तक के तमाम न्यायाधीशों को इस परिपाटी का लाभ मिलता रहा है ।
शर्त महज़ एक ही होती है की सरकार से उनके कितने मधुर रिश्ते रहे हैं ।इसी परम्परा के तहत उत्तर प्रदेश की सरकार ने 
अयोध्या बाबरी विध्वंस में एलके आडवाणी समेत 32 आरोपियों को बरी करने वाले पूर्व न्यायाधीश सुरेंद्र यादव को उप लोकायुक्त नियुक्त किया है ।

CBI court के पूर्व न्यायाधीश सुरेंद्र यादव अब करेप्शन की जांच करवाने की जिम्मेदारी निभाएंगे।
इसके पहले supreme court के तमाम  retired judges ——रंग नाथ मिश्रा , वाई सी सब्बरवाल, k balakrishanan sadashivam और ranjan gogai सरीखे judges reemployment पा चुके हैं।
Allhabad high court और lucknow high कोर्ट के भी जस्टिस विष्णु सहाय और जस्टिस हैदेरअब्बास रजा आदि सरकारी मदद से re-employment पर रह चुके हैं।
देश के अलग अलग राज्यों में भी इसे मामलों की बहुतायत है ।
सवाल re-employment का नहि है ।सवाल है क्या ये महानुभाव नौकरी में रहते हुए अपने दायित्वों को  free and fair. Unbiased तरीक़े से निभाते रहे है?

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