सोमवार, 22 मार्च 2021

Police

इलाहाबाद high कोर्ट के पूर्व जज a n mulla ने कई दशक पहले एक मामले की सुनवाई के वक्त police force को organised gang of criminals कहा था ।
Justice mulla के observation को बाद में भी पेश किया जाता रहा है । देश में जहां भी  police ज़्यादती की शिकायतें आती हैं तब अलग अलग अदालतें इस तरह की comments  करती रही हैं 
वावजूद इसके पुलिस की कार्य शैली में कोई ख़ास बदलाव नज़र नही आता ।पुलिस reform के नाम पर पूरे देश में हज़ारों करोड़ रुपया पानी की तरह भले ही बहाया जा चुका हो ।
वैसे तो फ़र्ज़ी मुठभेड़ दिखा कर हत्याएँ करने का शिलशिला पुराना है ।ats stf sit sog सरीखे पुलिस टीम के सदस्यों पर अपराधियों से पैसा लेकर एक दूसरे अपराधियों को मरने के आरोप पहले भी लगते रहे हैं 
रुपए के दम पर थाने से लेकर ज़िलों तक में तैनाती के आरोप पुलिस विभाग के अधिकारी ही समय समय पर लगाते रहे हैं । लेकिन हंगामा तब होता है जब इसके पीछे कोई पोलिटिकल अजेंडा होता है ।
मुंबई के पुलिस commisioner पद से हटाए गए परमवीर सिंह ने maharastra के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर इसी तरह के गम्भीर आरोप लगाए हैं 
मामला supreme court से लेकर संसद तक में पहुँच चुका है । शरद पवार और उनकी पार्टी के नेता परमवीर सिंह के आरोपों को शीरे से ख़ारिज कर रहे हैं।आरोपों को राजनीति प्रेरित मानते हैं ।
परमवीर सिंह supreme court से मामले की जाँच cbi से करवाने की अपील किए हैं और भारतीय जनता पार्टी उधव सरकार से इस्तीफ़े की माँग कर रही है ।
इस घटना ने एकबार फिर पुलिसिया कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर दिया है ।परम वीर सिंह के लेटर से पूरे maharastra की राजनीति एक बार फिर गरम हो गयी है और भाजपा को इस आपदा में अवसर दिखायी दे रहा है ।

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