रविवार, 3 जनवरी 2021

union budget

देश की राजधानी दिल्ली की सीमा पर जहां एक तरफ़ ऐतिहासिक किसान आंदोलन चल रहा है वही दूसरी तरफ़ भारत सरकार का फ़ाइनैन्स मिनिस्ट्री फ़रवरी में पेश होने वाले बजट की तैयारी में जुटा है 
मंत्रालय के सामने सबसे बड़ी चुनौती वितीय घाटे की है 
अकड़ों के मुताबिक़ december 2020 तक का वितीय घाटा 11 लाख करोड़ था जो मार्च 2021 तक बड़ कर 14 लाख करोड़ हो सकता है 
पिछले साल डूबते बैंकिंग सेक्टर को बचाने के लिए सरकार ने 30 lakh करोड़ का पैकिज दिया था इस पैकिज का सर्वाधिक लाभ corporate सेक्टर को मिला 
Covid 19 महामारी के चलते केंद्र सरकार की आमदनी में गिरावट आयी है इसका सीधा असर राज्यों की आर्थिक स्थिति पर भी देखने को मिला है 
राज्यों को केंद्र सरकार से मिलने वाला टैक्स का हिस्सा उनको समय से नहीं मिल सका इस मुद्दे को लेकर राज्यों और केंद्र सरकार के बीच  खींच तान और आरोप प्रत्यारोप भी लगे 
देश की वितीय हालत आज भी बेहतर नहीं है ग़रीबी बेरोज़गारी आर्थिक मंदी शीर्ष स्थान पर है 
ऐसे हालात में सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती समाज के कमजोर वंचित लोगों के लिए पहले से घोषित welfare schemes को जारी रखने की है 
इन योजनाओं को जारी रखने के लिए संसाधन जुटाने की  चुनौती है
समझा जाता है की सरकार public सेक्टर की companies में अपनी हिस्सेदारी  बेच कर संसाधन जुटाने की कोशिस में लगी है 
सरकार अपने इस मुहिम में कितना कामयाब होगी इस पर कोई भविस्यवाणि मुनासिब नहीं है 
लेकिन इतना तय है की मौजूदा हालात में pro people budget तैयार करके पेश करना finance ministry ke liye himalayan task hai

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