मंगलवार, 5 जनवरी 2021

brahmins

कर्नाटक की सरकार ने गरीब ब्राह्मण बालिकाओं को कर्मकांड से जुड़े ब्राह्मण बालकों के साथ विवाह करने पर आर्थिक मदद का ऐलान किया है 
वहाँ पर स्थापित brahmin development board की तरफ़ से दो योजनाएँ शुरू की गयी हैं 
दूसरी तरफ़ असम की सरकार ने फ़र्ज़ी मदरसों और संस्कृत विद्यालयों को बंद करने का फ़ैसला किया है
वेदिक education और भारतीय संस्कृति को बचाने के लिए कर्नाटक सरकार का फ़ैसला स्वागत योग्य है 
संस्कृत सभी भारतीय भाषाओं की जननी है 
बग़ैर संस्कृत के विकास के अन्य भारतीय भाषाओं का विकास नहीं हो सकता और ना ही भारतीय संस्कृति को बचाया जा सकता है 
संस्कृत को रोटी रोज़ी से जोड़कर उसका विकास और संस्कृति की हिफ़ाज़त की जा सकती है 
ब्राह्मण तो हमेसा से संस्कृत के माध्यम से समाज संस्कृति और देश की सेवा करते रहे हैं
इसलिए  ब्राह्मण के लिए शुरू की गयी योजनाएँ समाज संस्कृति और देश हित में है
तेलंगना की सरकार ने भी पहले से गरीब ब्राह्मण के लिए welfare schemes चला रखी है 
ख़ास बात यह है की brahmins के ख़िलाफ़ सामाजिक आंदोलन की शुरुआत south indian states से हुई थी उसका नक़ल north india में कांशी राम ने किया था 
लेकिन अब बदली परिस्थित्यों में southern states me welfare scheme चलाए जा रहे हैं 
North indian states में भी इस पर विचार किया जाना चाहिए 
उत्तर प्रदेश में मायावती जी को कई बार चीफ़ मिनिस्टर डॉक्टर मुरली मनोहर जोशी और ब्रह्म दत्त द्विवेदी ने बनवाई थी 
उत्तर प्रदेश में भाजपा  समाज वादी पार्टी और bsp की सरकारों को पूर्ण बहुमत दिलाने में भी इस समाज की भूमिका रही है 
ब्राह्मण सबसे ज़्यादा समायोजन संयोजन और सम रसता भई चारा में विस्वास करता है 
ब्राह्मण बसुधैव कूतुम्बकम world is my family के सिद्धांत पर चलता रहा है

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