रविवार, 12 जुलाई 2020

Rajasthan govt

सचिन पाइलट की भाजपा में शामिल होने की भूमिका कश्मीर में अब्दुल्ला फ़ैमिली की जेल से रिहाई के समय ही तैयार कर ली गयी थी 
भाजपा को अब सिर्फ़ निर्णय लेना है 
राजस्थान की सरकार का भाविस्य पूरी तरह भाजपा के हाथ में है
पाइलट और अब्दुल्ला फ़ैमिली भाजपा से हाथ मिलाने को तैयार बैठा है
अब्दुल्ला फ़ैमिली की रिहाई में पूर्व ख़ुफ़िया प्रमुख a s dullat ने संदेश बाहक की भूमिका निभाई थी 
सचिन पाइलट अब्दुल्ला परिवार के दामाद हैं
अब्दुल्ला परिवार के दो पूर्व मुख्य मंत्री कई हफ़्ते तक कश्मीर में नज़र बंद थे
भाजपा और rss के नेता राम माधव पहले ही  जम्मू कश्मीर को पूर्ण राज्य statehood की बहाली का संकेत दे चुके है
Statehood की बहाली होते ही अब्दुल्ला फ़ैमिली से किसी के वहाँ  के फिर से मुख्य मंत्री बनने की संभावना बन सकती है
अटल जी के वक़्त अब्दुल्ला फ़ैमिली और उनकी पार्टी nda ke क़रीब रहे हैं
मौजूदा वक़्त में कह सकते हैं की पाइलट और अब्दुल्ला फ़ैमिली के दो नो हाथों में लड्डू हैं
रही बात राहुल गांधी की तो उनको न तो देश की अवाम गम्भीरता से ले रही है और ना ही उनकी पार्टी 
तभी तो एक के बाद एक उनके क़रीबी उनको छोड़ कर भागते जा रहे हैं और उनको ट्विटर से ही फ़ुर्सत नहीं है
राहुल गांधी शायद सत्ता और दलिय राजनीति से ऊपर उठ गए है
वे सामाजिक क्रांति की भूमिका तैयार करने में जुटे हैं उनका अभी ज्ञान अर्जन का दौर चल  रहा है
शायद वे सत्ता के बग़ैर सेवा करने में यक़ीन करते हैं उनकी कार्य शैली से परेशान उनके नौजवान साथी उनसे frustrate होकर भाग रहे हैं और दल के बुज़ुर्ग  accept नहीं कर पा रहे हैं

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