रविवार, 12 जुलाई 2020

political holiday

सत्ता पलट और सत्ता हथियाने का फ़ॉर्म्युला पुराना है
यही काम पहले इंदिरा जी के ज़माने में भी होता था 
युध और राजनीति में सब जायज़ है
महाकवि तुलसी दास ने राम चरित मानस में लिखा है
समर्थ को नहीं दोस् गोसाई
वीर भोग्या बसुंधरा 
वैसे भी भाजपा की तैयारी और रणनीति आने वाले पचास साल तक सत्ता में बने रहने की है
देश के अलग अलग हिस्सों में चल रहे operation lotus को इसी नज़रिए से देखा जाना चाहिए 
देश के ग़ैर भाजपा दलों को अपनी राजनैतिक गतिविधियों को स्थगित करके कुछ दिन तक भोजन चिंतन और विश्राम करना चाहिए 
वैसे भी उनकी तरफ़ से सिर्फ़ ट्वीट करने के अलावा और कोई ठोस काम दिखायी नहीं दे रहा है
Tweeter राजनैतिक मनोविनोद का बेहतर माध्यम है
ट्वीट करके अपने राजनैतिक दायित्वों का एहसास भी हो जाता है और शरीर को कंट्रोल्ड वतनुकूलित कमरे से बाहर भी नहीं ले जाना पड़ता है
कोई ताज्जुब नहीं जब आने वाले चुनाओं में जनता भी ऐसे दलों को ट्वीट के ज़रिए अपना वोट देने लगे 
ग़ैर भाजपा दलों के लिए यह राजनैतिक विश्राम काल है
इस वक़्त का उपयोग ग़ैर भाजपा दलों के नेताओं को अपनी सामाजिक ज़िम्मेदारियों को पूरा करने में करना चाहिए मसलन शादी विवाह और वही खाता ठीक करना 
पार्टी से लेकर ngos तक के अकाउंट्स को दुरुस्त करना राजनैतिक कारोबार fail होने के वाद निजी कारोबार को बचाने की कोशिस करना चाहिए 
वे लोग समझदार हैं जो समय रहते भाजपा के गोद में बैठते जा रहे है
उनकी अक़्लमंदी के वजह से घर और शसुराल पछ भी सूरछित हो रहा है और राजनैतिक भाविस्य भी 
यह कोई जन्म janmantar का फ़ैसला तो है नहीं 
जब ग़ैर भाजपा दलों के अछे दिन आएँगे तो वे फिर घर वापसी कर लेंगे यह काम तो उनके पूर्खे पहले कर ही चुके हैं

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