शनिवार, 26 अगस्त 2017

failure of political executive or lust for vote bank

हरियाणा मे राम रहीम के समर्थकों द्वारा जारी हिंसा एक बार फिर उत्तर प्रदेश में ६ डिसेम्बर १९९२ को अयोध्या में हुयी हिंसा की याद को ताज़ा कर दिया है 
हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देशों के ववजूद हरियाणा सरकार रहीम समर्थकों को इकट्ठा होने दिया 
खट्टर सरकार ने ठीक वैसे ही काम किया जिस तरह ६ डिसेम्बर १९९२ को उत्तर प्रदेश की कल्याण सरकार ने किया था 
उस समय भी कोर्ट के आदेशों की अवहेलना की गयी 
और लाखों की तादाद में कारसेवकों को अयोध्या में जुटाने दिया गया 
जिन्होंने बाबरी मस्जिद को ज़मींदोज़ कर दिया
बाद में केंद्र की प व नरसिम्हा राउ सरकार ने उत्तर प्रदेश सहित भाजपा की चार राज्य सरकारों को बर्खास्त कर दिया था 
आज भी हरियाणा और पंजाब सरकारों की मदद के लिए हज़ारों की तादाद सेंट्रल सिक्यरिटी फ़ॉर्सेज़ के जवान मौजूद थे 
लेकिन खट्टर सरकार की तरफ़ से साफ़ संकेत ना मिलने की वजह से दंगाई हिंसा करने में कामयाब रहे और सिक्यरिटी फ़ॉर्सेज़ डिफ़ेन्सिव मुद्रा में

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