गुरुवार, 15 जून 2017

योगी आदित्यनाथ सरकार के १०० दिन

क्या उत्तर प्रदेश में एकसे अधिक power centre हैं 
पिछली सरकार में तो इस तरह का नज़ारा देखने को मिलता था 
लेकिन इस सरकार में भी वही हालत क्यों है 
लखनऊ से लेकर दिल्ली तक इसकी गूँज सुनाई दे रही है 
योगी सरकार के १०० दिन पूरे होने वाले हैं लेकिन अभी तक सरकारी मशीनरी पूरी तरह सक्रिय नहीं है 
राज्य के ज़्यादातर क़द्दावर मंत्री दिल्ली में बैठे   सीन्यर नेताओं के सम्पर्क में हैं 
संघ परिवार और भाजपा के नेताओं की दखलंदाजी भी चीफ़ मिनिस्टर आदित्य नाथ के रास्ते का पथेर साबित हो रहा है 
इसके अलावा चीफ़ मिनिस्टर आदित्य नाथ की प्रशासनिक अनुभवहीनता उनकी सरकार के प्रति जनता में मायूसी पैदा कर रही है 
आगामी लोकसभा चुनाव के माद्दे नज़र भाजपा हाई कमैंड को उत्तर प्रदेश सरकार के कामकाज को गतिशील बनाने के लिए दबाव बनाना चाहिए

1 टिप्पणी:

  1. मेरे हिसाब से इनको वहां विकास के लिए नहीं मंदिर के लिए भेजा गया है। इस लिए वो मिशन मंदिर पर लगे हैं। बनिया सरकार बीजेपी हमेशा हथियार को डाल और डाल को हथियार बनाती रही है।जब तक कांग्रेस सरकार थी तब तब उमा भारती खूब गंगा के लिए जान देती थी और अब जब जिम्मेदारी मिली तो अपना काम ना करके रामलला का राग अलाप रही हैं। यहां

    जवाब देंहटाएं