गुरुवार, 15 जून 2017

योगी आदित्य नाथ चीफ़ मिनिस्टर उ प

उत्तर प्रदेश के चीफ़ मिनिस्टर की कुर्सी पर बैठते ही वह व्यक्ति ख़ुद को देश के प्रधान मन्त्री बनने का ख़्वाब देखने लगता है 
आज़ादी के वाद बने चीफ़ मिनिस्टर गोविंद बल्लभ पंत तो अपने को पंडित नेहरु से सीन्यर मानते थे।

हेमावती नंदन बहुगुणा से इंदिरा जी की नाराज़गी के पीछे भी चीफ़ मिनिस्टर के रूप में बहुगुणा का  डिवेलप होता पलिटिकल प्रोफ़ायल था।

नारायण दत्त तिवारी मुलायम सिंह यादव मायावती और अखिलेश यादव भी अपने अपने ढंग से ख़ुद को नैशनल लीडर प्रोजेक्ट करने की कोशिस करते रहे हैं 
और अब बारी चीफ़ मिनिस्टर आदित्य नाथ की है।

उन्होंने भी आज बिहार में आयोजित  जनसभा को सम्बोधित करके इसकी शुरुआत कर दी है।

आदित्य नाथ के लिए उत्तर प्रदेश जैसे जटिल राज्य की समस्याएँ राक्षसी सुरसा की तरह मुँह खोले मौजूद हैं।

ऐसी हालत में इन समस्याओं  का समाधान खोजने के बजाय दूसरे राज्यों का दौरा करना राजनीतिक और अड्मिनिस्ट्रेटिव तौर पर कितना मुंसिव होगा यह तो वक़्त बताएगा।

लेकिन ऐसा ना हो की खुदा मिले ना विशाल ए सनम।

आदित्य नाथ ने बिहार की जनसभा में भाजपा को सत्ता में लाने तक बिहार में संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया है।

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