शुक्रवार, 29 अप्रैल 2016

सोनिया गांधी की इटली वाली मुसीबत

ऑगस्टा वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर डील को लेकर कांग्रेस इसलिए भी बैकफुट पर है क्योंकि इस मामले के तार इटली से जुड़े हैं....ये पहली बार नहीं है जब कांग्रेस इटली से जुड़े मामले को लेकर बैकफुट पर है.. 1987 में राजीव गांधी की सरकार बोफोर्स तोप घोटाले के विवाद में फंसी थी...इस घोटाले के तार भी इटली से जुड़े थे...क्योंकि इस घोटाले में मुख्य आरोपियों में से एक आक्टोबियो क्वात्रोची इटली का रहनेवाला था...तब स्वीडन की एबी बोफोर्स से 400 होबित्जर तोपें खरीदने के मामले में रिश्वतखोरी का आरोप लगा ता.....1989 के लोकसभा चुनाव का ये मुख्य मुद्दा बना और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर राजीव गांधी चुनाव हार गए.....पिछली यूपीए सरकार के वक्त भी इटली से जुड़े एक मुद्दे को लेकर हंगामा हुआ था...15 फरवरी, 2012 को केरल तट से दूर दो भारतीय मछुआरों को समुद्री लुटेरे समझकर इटली के दो मरीन ने गोली मार दी थी...इन दोनों को गिरफ्तार किया गया...लेकिन बाद में दोनों को इटली जाने दिया गया.....हालांकि शर्त ये थी की ये दोनों मरीन न्यायिक प्रक्रिया में शामिल होने के लिए भारत लौटेंगे...लेकिन बाद में ये दोनों मरीन भारत नहीं लौटे...एक आरोपी की बाद में मौत हो गई...
कांग्रेस पार्टी और इटली के बीच में एक तरह से हम कहे तो चोली दामन का साथ रहा है...और जब से सोनिया गांधी ने राजीव गांधी से शादी की...तब से लेकर आज तक जब कभी भी कोई ऐसी घटना होती है..या किसी घोटाले की बात होती है...तो directly या indirectly सोनिया गांधी और इटली का नाम जुड़ जाता है....और पिछले कुछ दशक की घटनाओं पर नज़र डाले तो कांग्रेस की पराभव का...राजीव गांधी की मिस्टर क्लीन इमेज को damage करने में सबसे ज्यादा अगर किसी देश या किसी व्यक्ति की भूमिका रही तो इटली और इटली के कुछ लोगों की रही....और जिसका जवाब राजीव गांधी भारत की जनता को मरने के दिन तक नहीं दे पाए थे... भारत की जनता उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हो पाई थी....चाहे वो बोफोर्स केस का मामला रहा हो...उसका जो सूत्रधार था उसका संबंध इटली से रहा....उसके बाद मैरीन के द्वारा जो दो मछुआरों की हत्या का मामला था..वो दोनों मैरीन इटली के थे...और अब ऑगस्टा वेस्टलैंड डील का जो खुलासा हुआ है जिसमें कि कांग्रेस के तमाम शीर्ष नेता और गांधी परिवार के लोगों का नाम जोड़ा जा रहा है....इन सबका संबंध इटली से रहा है...तो कांग्रेस पार्टी को सोनिया गांधी और राजीव गांधी के शादी के बाद उसका कितना राजनैतिक फायदा हुआ, कितना सांगठनिक लाभ हुआ...ये बताना मुश्किल है...लेकिन एक बात सच है कि राजीव गांधी और सोनिया गांधी की शादी की वजह से कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व हमेशा कटघरे में रहा..विवादों में रहा..और शायद यही कारण है कि विदेशी मूल का मुद्दा बार बार कांग्रेस के खिलाफ गैर कांग्रेसी दल उछालते रहे...और कांग्रेस को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश करते रहे....

ये सच है कि ऑगस्टा वेस्टलैंड डील घोटाले की जांच का आदेश यूपीए-2 की सरकार ने दिया था लेकिन ये भी
सच है कि ऑगस्टा वेस्टलैंड डील में घोटाले की ख़बर भी सबसे पहले इटली के अखबारों में आई ती
....इटली के अखबारों में छपी खबर के आधार पर ही भारत की तत्कालीन सरकार ने और जो उस समय के रक्षामंत्री थे के एंटनी उन्होंने जांच का आदेश दिया......लेकिन ये भी सच है कि ऑगस्टा वेस्टलैंड बोफोर्स और मैरीन का संबंध सीधे इटली से रहा है और अब जब इटली की अदालत में कहा जा रहा है कि कांग्रेस के कुछ शीर्ष नेताओं के बारे में टिप्पणी हुई है...उनकी भूमिका पर सवाल खड़े हुए हैं....इटली की एक अदालत में, तो उसको लेकर भारतीय जनता पार्टी और गैर कांग्रेसी जितने भी दल है वो निश्चित रूप से कांग्रेस पार्टी को कठघरे में खड़ा करेंगे...और चूंकि कांग्रेस की जो नेत्री हैं इटली से उनका संबंध है वहां की वो रहने वाली हैं..ये अलग बात है कि शादी के बाद उन्होंने भारत की नागरिकता ले रखी है...लेकिन इसकी वजह से उनको हमेशा विवादों में रहना पड़ता है और परेशानियों का सामना करना पड़ता है...

हालांकि इटली का मुद्दा राज्यों के चुनाव में कोई खास असर नहीं डाल पाएंगे....क्योंकि राज्यों के चुनाव अपने क्षेत्रीय मुद्दों पर लड़े जा रहे हैं...चाहे वो पश्चिम बंगाल हो...तमिलनाडु हो या बाकी राज्यों में जो आने वाले समय में चुनाव होने है...उसके मुख्य मुद्दा क्षेत्रीय रहेगा और क्षेत्रीय मुद्दे ही हावी रहेंगे..
जब बोफोर्स कांड हुआ था...जब बोफोर्स घोटाले की बात सामने आई थी...देश में उस समय की कांग्रेस का यही तर्क रहता था कि जिस बोफोर्स तोप के बारे में राजीव गांधी पर या कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाया जा रहा है...वो उस बोफोर्स तोप की क्वालिटी और उसके परफॉर्मेंस पर क्यों सवाल खड़ा नहीं कर सकता...और कहा ये गया कि करगिल युद्ध में जो भारत को सफलता मिली थी वो बोफोर्स तोपों की जो Performance थी...वो बेमिसाल थी...तो कांग्रेस पार्टी हमेशा ये दलीलें देती रही है कि विपक्ष के पास जब कोई मुद्दा नहीं होता है तो उन मुद्दों को उठाते हैं जिसका कोई स्टेटस नहीं होता...जिसमें कोई दम नहीं होता है...

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