मंगलवार, 2 जून 2015

बीजेपी की शह और मात !


हाईटेक प्रचार और रणनीति की बदौलत 2014 में अपने इतिहास की सबसे बड़ी कामयाबी दर्ज करने वाली बीजेपी अब सदस्यता और महासम्पर्क अभियान के जरिए संगठन की एक ऐसी मजबूत नींव बनाने में जुटी है...जिस पर वो भविष्य की सियासत की एक मजबूत इमारत खड़ी करने में कामयाब हो सके ....बीजेपी का महासम्पर्क अभियान सिर्फ एक अभियान भर नहीं है....बल्कि एक ऐसी रणनीति है जो अगर कामयाब हुई तो दूसरी पार्टियो के मुकाबले बीजेपी कोसों आगे नजर आएगी...
बीजेपी के चल रहे महासंपर्क अभियान के कई राजनीतिक मायने हैं .. इस महाअभियान के जरिए बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व अपने हर कार्यकर्ता से सीधे संवाद कायम करने के साथ–साथ अपने नीति निर्धारण की प्रक्रिया में भी उनको शामिल करने में कामयाब रहेगी …. इतना ही नहीं शीर्ष नेतृत्व नीति तय करने के महज चंद सेकेंड्स के भीतर उसे गांव और मोहल्ले में काम करने वाले कार्यकर्ता तक पहुंचा भी पाएगी … बीजेपी देश की पहली ऐसी पार्टी है जो तकनीक के सहारे अपने विरोधियों को जबरदस्त पटखनी देने जा रही है ..
बीजेपी महासम्पर्क अभियान के जरिए एक मजबूत डेटा बैंक तैयार कर रही है .. बीजेपी ने चुनावों के बाद लॉन्च किए गए अपने सदस्यता अभियान में देशभर में 10.5 करोड़ सदस्यों को जोड़ने का दावा किया था...बीजेपी ने इसके लिए एक नंबर 18002662020 जारी किया था...जिस पर मिस्डकॉल देनी जिससे सदस्य बनने के ख्वाहिशमंद लोगों का रजिस्ट्रेशन हो जाता था...31 मार्च तक बीजेपी का ये अभियान चला...अब बीजेपी तीन महीने का महासम्पर्क अभियान चला रही है...इसके जरिए रजिस्ट्रेशन करा चुके लोगों से एक फॉर्म भरवाया जा रहा है....इस फॉर्म में जो जानकारियां मांगी जा रही है उसके जरिए बीजेपी एक डेटा बैंक बनाने की तैयारी में है...फॉर्म में धर्म और जाति के अलावा प्रोफेशन, एजुकेशन, और रूचि का क्षेत्र जैसी जानकारियां मांगी गई है..
ये जानकारी बीजेपी अपने पास रखेगी जिसे बीजेपी कई तरीके से इस्तेमाल कर सकती है .. दरअसल ये डेटा बैंक जिस तरह से तैयार किया जा रहा है वैसा पहले कभी नहीं हुआ..इसके जरिए बीजेपी अपने सभी सदस्यों से सीधे जुड़ जाएगी . शीर्ष नेतृत्व की देश के सभी कार्यकर्ताओं से वन टू वन कनेक्टिविटी होगी...बीजेपी को ये पता होगा कि किस प्रोफेशन, किस जाति, किस वर्ग के कितने सदस्य उसके पास है...किस गली, किस मोहल्ले के सदस्य उसके पास हैं...कोई भी नीति बनाने के लिए अगर फीडबैक की जरूरत होगी तो वो पार्टी को महज एक क्लिक पर मिल जाएगी...इतना ही नहीं किसी भी सदस्य तक अगर कोई बात पहुंचानी होगी तो सेकेंडों में पहुंचाई जा सकेगी...कार्यकर्ताओं की कार्यशैली पर सीधी नजर होगी....तो वहीं कार्यकर्ताओं और शीर्ष नेतृत्व के बीच की दूरी कम हो जाएगी...सीधे संवाद का फायदा ये होगा कि लालफीताशाही और वरिष्ठताक्रम का पेंच कार्यकर्ताओं के कदम नहीं रोक पाएगा
इसी के साथ बीजेपी जिस तरह से data bank तैयार कर रही है वैसा पहले किसी भी पार्टी ने कभी नहीं किया .. इसके जरिए पार्टी की अपने सदस्यों के साथ one on one connectivity हो जाएगी .. और आने वाले समय में भारत की सियासत पर इसका गहरा असर पड़ेगा .. इससे ना सिर्फ सामाजिक राजनैतिक ढांचा बदलेगा बल्कि इससे राजनीति की दशा -दिशा बदल जाएगी .. बीजेपी का दावा है कि सदस्यता अभियान के जरिए सवा दस करोड़ से ज्यादा लोग मेंबरशिप के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं … ऐसे में अगर इतने ही लोग अपनी मेंबरशिर confirm कराते हैं और अपने महासंपर्क अभियान के जरिए बीजेपी इन सबको अपनी पार्टी का सदस्य बना पाती है तो इन सब से जुड़ी जानकारी बीजेपी के पास मौजूद होगी .. बीजेपी को ना सिर्फ इनके जाति धर्म का पता होगा बल्कि इनके एजुकेशन और प्रोफेशन से जुड़ी जानकारी भी बीजेपी के पास होगी .. इन्हें ये भी पता होगा कि किस निर्वाचन क्षेत्र, किस जिले, गांव यहां तक कि वॉर्ड में उनके कितने सदस्य हैं … साथ ही वो किस व्यवसाय, किस कॉलेज से जुड़े हैं .. data analysis और data synergy के जरिए ये सब लोग बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से सीधे जुड़ जाएंगे … ऐसे में बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व को वॉर्ड लेवल तक अपनी बात पहुंचाने के लिए अलग -अलद पदाधिकारियों से बात करने तक की ज़रूरत नहीं होगी .. इस के जरिए बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व hierarchy को खत्म कर सकता है .. लालफीताशाही को खत्म कर सकता है .. जिससे communication error होने की संभावना खत्म हो जाएगी … इसके अलावा बीजेपी अगर सिर्फ वकीलों या डॉक्टर्स या शिक्षक या छात्रों तक कोई संदेश पहुंचाना चाहे तो ये पार्टी के लिए बेहद आसान हो जाएगा …

बीजेपी की इस रणनीति का असर भविष्य की सियासत पर पड़ेगा....जिससे ना केवल सामाजिक राजनैतिक ढांचा बदलेगा बल्कि राजनीति की दिशा और दशा भी बदल जाएगी...अपने हाईटेक प्रचार का लोहा मनवा चुकी बीजेपी प्रचार के मोर्चे पर विरोधियों को पहले ही करारी मात दे चुकी है अब इस फॉरवर्ड प्लानिंग के जरिए बीजेपी संगठन के स्तर पर एक नया मील का पत्थर स्थापित करने की तैयारी में है...जिसका मुकाबला कर पाना विरोधियों के लिए आसान नहीं होगा..

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