शुक्रवार, 25 अक्तूबर 2013

मध्यप्रदेश भ्रष्टाचार की पाठशाला : सिंधिया

वासिंद्र मिश्र- मध्य प्रदेश के चुनाव करीब हैं ऐसे में कांग्रेस सत्ता में वापसी के लिए हर संभव प्रयास कर रही है...केंद्र की योजनाओं को गिनाना हो या धर्मनिरपेक्षता के नाम पर बीजेपी पर सवाल खड़े करने हो, पार्टी कोई कमी नहीं छोड़ रही है, ज्योतिरादित्य सिंधिया केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री हैं और मध्य प्रदेश कांग्रेस चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष भी हैं... ज्योतिरादित्य, आपको पार्टी मध्य प्रदेश में सीएम पद के उम्मीदवार के तौर पर प्रोजेक्ट करने की तैयारी में है, आपकी तैयारी क्या है ?

ज्योतिरादित्य सिंधिया- देखिए मुझे प्रोजेक्ट नहीं किया गया है, हम लोगों की कोशिश है कि कांग्रेस के सभी शीर्ष नेताओं की एकजुटता के आधार पर चुनावी मैदान में उतरें, हमारी यही कोशिश है कि जो वर्तमान में भ्रष्ट बीजेपी सरकार है उसे उखाड़कर फेंकना है । 

वासिंद्र मिश्र- जिस एंटी इनकम्बेंसी के आधार पर आप एमपी छतीसगढ़ में जा रहे हैं..जनता का सहयोग मांग रहे हैं वहीं एंटी इनकम्बेंसी का शिकार तो आपकी पार्टी भी है, जो केंद्र में है, सरकार पर कई तरह के भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं, जब आप जनता के बीच जाते हैं तो किस तरह से उसका जवाब दे रहे हैं ?

ज्योतिरादित्य सिंधिया- देखिए वर्तमान में एमपी, छतीसगढ़, मिज़ोरम, राजस्थान और दिल्ली में प्रादेशिक चुनाव हैं, आपके प्रश्न का उत्तर समय की गोद में होगा जब लोकसभा के चुनाव होंगे अगले वर्ष, वर्तमान में राज्य के चुनाव हैं, हम क्षेत्रीय मुद्दों, विधानसभा के स्थानीय मुद्दों पर चुनाव लड़ेंगेवर्तमान का हमारा जो मतदाता है, वो जागरूक है, उसे पता है कि कौन उम्मीदवार, कौन दल उसकी सेवा करेगा ।

वासिंद्र मिश्र- लेकिन आपके जो मुख्य विरोधी हैं, जैसे बीजेपी, वो केंद्र सरकार की विफलता और मंत्रियों पर लगे आरोपों को भुना रही है...

ज्योतिरादित्य सिंधिया- मैं अपने सभी बीजेपी के शुभचिंतकों को पूछना चाहता हूं कि कौन से आरोपों के बारे में चर्चा कर रहे हैं, अगर भ्रष्टाचार का मुद्दा है तो हमारे जो गठबंधन के सहभागी हैं उनपर यह आरोप लगे हैं और जहां भी आरोप लगे हैं वहां कांग्रेस ने पूरी निष्ठा, ईमानदारी से कार्रवाई की है। हमारे कई मंत्री सांसद जेल भी गए। आज मैं बीजेपी से पूछना चाहता हूं कि मध्यप्रदेश में 11 मंत्रियों के विरूद्ध जो इकॉनोमिक ऑफेंस विंग का मामला चल रहा है, क्या एक भी मंत्री से इस्तीफा लिया गया ? किसी पर कार्रवाई की गई?  इसलिए राहुल गांधी अपने एमपी दौरे में कहते हैं कि मध्यप्रदेश भ्रष्टाचार की पाठशाला बन गया है। कांग्रेस ने जहां राजीव गांधी के समय सत्ता का विकेंद्रीकरण किया, महिलाओं को पंचायतों में आगे बढ़ाया, मतदान का हक 18 वर्ष के नौजवानों को दिया वही बीजेपी ने मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार का विकेंद्रीकरण कर दिया है । 

वासिंद्र मिश्र- आप आरटीआई ले आए, खाद्य सुरक्षा कानून ले आए, मनरेगा लाए लेकिन इसका महत्व कम करने का काम भी आपकी ही पार्टी ने किया है, चाहे राजनैतिक पार्टियों को आरटीआई के दायरे में लाने की बात हो, चाहे सुप्रीम कोर्ट द्वारा दागियों की सदस्यता रद्द करने की बात हो, आपकी तरफ से इसका काट निकालने की कोशिश की गई, आखिर ये क्यों होता है, एक तरफ आप बदलाव, प्रोग्रेसिव लॉ, पारदर्शिता की बात करते हैं, दूसरी तरफ अपने ही बनाए गए कानून को धीरे-धीरे कमजोर करने की कोशिश करते हैं, इसके पीछे कौन सी दबाव की राजनीति काम कर रही है?

ज्योतिरादित्य सिंधिया- धन्यवाद इस प्रश्न के लिए, केंद्र सरकार के मंत्रीमंडल के सदस्य होने के नाते मैं आपके ज़रिए दर्शकों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि कांग्रेस की एक ही सोच और विचारधारा है कि हक के आधार पर हमारी योजनाएं और स्कीम्स बनें, आरटीआई, मनरेगा, भूमि अधिग्रहण योजना ये सब कांग्रेस पार्टी की विचारधारा की देन है, हम आरटीआई लेकर आए, तो पूरे देश के कामकाज में पारदर्शिता आई । जहां तक दागियों की सदस्यता पर अध्यादेश लाने की आप बात कर रहे हैं, तो हमने सभी राजनैतिक दलों से इसके बारे में चर्चा की थी, हमें उस समय बीजेपी, वाईएसआर कांग्रेस का समर्थन मिला, उसके बाद अंतिम समय में राहुल गांधी जी ने यह कदम उठाया कि यह अध्यादेश नहीं लाना चाहिए, पारदर्शिता होनी चाहिए जिन लोगों पर प्रश्न चिन्ह हो, उन्हें राजनीति से हटा देना चाहिए । 

वासिंद्र मिश्र- कोलगेट का मामला और इस तरह के जो भी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप आपकी पार्टी पर लगे हैं, खास तौर से एमपी, छतीसगढ़, ओडिशा की बात करें, तो आरोपियों को बचाने के लिए होड़ लगी है बीजेपी और कांग्रेस में ...

ज्योतिरादित्य सिंधिया- कांग्रस ने सदैव पारदर्शिता के आधार पर काम किए हैं, चाहे वो कोलगेट का मामला हो, सरकार ने पूरी ईमानदारी के साथ अपनी सरकार चलाई है, और जहां तक आप भ्रष्टाचार की बात कर रहे हैं, तो जो सबसे बड़े कांड हो रहे हैं ज़मीनी स्तर पर, वो आज मध्यप्रदेश में हो रहे हैं, वहां पंचायत से लेकर राजधानी तक भ्रष्टाचार फैला है, लोकायुक्त की छापेमारी में इंजीनियर से लेकर ड्राइवर तक, मंत्री से लेकर अधिकारी तक के यहां अकूत बेनामी संपत्ति  मिलती है ।

वासिंद्र मिश्र- मध्यप्रदेश में शिवराज सरकार दावा करती है कि बहुत विकास हुआ, लेकिन जो योजना आयोग के आंकड़े हैं, जो WHO , रिज़र्व बैंक के आंकड़े हैं सबमें बुरी हालत है। अगर हम उसको ही सच मान लें, तो जो दुर्दशा है, वो एक दिन में तो हुई नहीं है, कई राज्यों में या तो आपकी सरकार रही है, या फिर बीजेपी की सरकार रही है, ऐसे में अगर पिछड़ापन, कुपोषण, बदहाली है, तो उसके लिए क्या कांग्रेस पार्टी बराबर की ज़िम्मेदार नहीं है?

ज्योतिरादित्य सिंधिया- अगर मैं मध्यप्रदेश की बात करूं तो बीते 10 साल से वहां बीजेपी की सरकार है, जहां 10 सालों में एक गुट ने मिलकर भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा कर दी है, आम जनता आज त्रस्त है । राशन कार्ड से लेकर पेंशन तक मारामारी है...रोज़गार गांरटी योजना में भारी भ्रष्टाचार हो रहा है कानून व्यवस्था चरमरा गई है...एमपी बलात्कार की राजधानी बन चुका है ...महिलाओं दलितों को विरूद्ध अत्याचार हो रहा है खंडवा में तो भूमि अधिग्रहण के विरोध में लोग छाती तक पानी में खड़े रहे वहां ना कोई मंत्री गया ना मुख्यमंत्री ...जब इतनी असंवेदनशील सरकार है जो गरीबों किसानों के हित में काम ना करे ...अटल ज्योति योजना का सच सब जानते हैं एक भी गांव में 24 घंटे बिजली नहीं मिल रही है

वासिंद्र मिश्र- बिजली, सड़क, पानी उपलब्ध कराने के लिए जहां बीजेपी शासित राज्य कामयाब नहीं दिख रहे, वहीं राजस्थान में तो आपकी सरकार है, वहां दुराचार के आरोप में मंत्री फंसते हैं, ऐसा ही एमपी में होता है तो आप दोनों पार्टियों की कार्यसंस्कृति में अंतर क्या रह गया?

ज्योतिरादित्य सिंधिया- हमारी कार्यसंस्कृति में यह है कि कांग्रेस पार्टी, शासन आरोपी मंत्रियों पर कार्रवाई करती है और जहां बीजेपी है वहां बिल्कुल चुप्पी साधी जाती है । जहां मुख्यमंत्री की पत्नी के विरोध में अपशब्द का इस्तेमाल होता है, उनको कैनिबेट से हटाया जाता है और जब चुनाव नजदीक आते हैं तो आदिवासी वोटबैंक खिसकते देख उन्हें वापस ले लिया जाता है, तो यह जो महिलाओं को सम्मान देने की सोच और विचारधारा है उसमें कितना अंतर है यह आप स्वयं देख सकते हैं ।

वासिंद्र मिश्र- नक्सलवाद, देश और छतीसगढ़ के लिए सबसे बड़ी समस्या है, जहां तक छतीसगढ़ की बात है तो चुनाव के करीब आते ही नक्सलियों से मिलकर एक सॉफ्ट पॉलिसी बना ली जाती हैं और कांग्रेस पार्टी की तरफ से भी कोई मज़बूत कदम देखने को नहीं मिलता है, तो अंतर क्या है, आप लोग भी वोट की राजनीति करते हैं नक्सलियों के मामले में और रमन सरकार पिछले दस साल से वही काम कर रही है ?

ज्योतिरादित्य सिंधिया- हमारा पूरा शीर्ष नेतृत्व नक्सलियों का शिकार बना, इससे ज्यादा आहत पहुंचाने की बात किसी राजनैतिक दल के लिए क्या हो सकती है । हम अपनी सोच, अपनी विचारधारा में बिल्कुल स्पष्ट हैं कि इस देश में सबसे में बड़ी चीज़ है प्रजातंत्र और जो लोग इस मुख्यधारा के साथ जुड़ें हैं उन्हें ही इस देश में मान सम्मान की दृष्टि से देखा जाएगा । 


वासिंद्र मिश्र- बहुत धन्यवाद हमसे बात करने के लिए.

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